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रैम्प पर दिखाया सुंदरता और समझ का मेल
इंदौर. समझ, जिंदादिली और आकर्षण का बेहतरीन मिश्रण की युवती तलाश में यामाहा फैशिनो मिस दीवा- मिस यूनिवर्स इंडिया 2018 के आडिशन शनिवार को मैरियट होटल में किये गये. ऑडिशन में रैम्प पर युवतियों ने समझ, जिंदादिली और आकर्षण का प्रदर्शन किया. इसमें विजेता सुंदरी भारत का प्रतिनिधित्व मिस यूनिवर्स में करेगी. इसकी पहली रनर अप भारत का प्रतिनिधित्व मिस सुपरनेशनल में करेगी.
शनिवार को मिस दीवा-मिस यूनिवर्स के ऑडिशन इंदौर मैरिअट होटल में आयोजित किए गए. प्रतियोगिता के लिए चुनी हुईं 80 सुंदरियों को बुलाया गया था. इन्हें जज करने के लिए मौजूद थे मॉड नोयोनिता लोध, डिजायनर आसिफ शाह और फैशन डिजायनर पूनम वोहरा. प्रतियोगिता में भाग लेने वाली प्रतिभागियों को रैम्प वॉक, परफैक्ट बॉडी, कम्यूनिकेशंस स्किल जैन मानदंडों पर परखा गया. इसके बाद टॉप 5 गल्र्स का चयन किया गया. टॉप 5 में चुनी गई लड़कियां है- अंजलि पवार, प्रिया राय, सलोनी नारंग, गरिमा यादव और अदिति गुप्ता.
पॉजीटिविटी और इंटेलीजेंस जरूरी
इनके चयन पर फैशन डिजायनर पूनम वोहरा ने बताया कि इसमें केवल मॉडल नहीं प्रोफेशनल्स भी आई थीं जो इंजीयिनर या स्टूडेंट्स है. इनमें से हमें उन्हें चुनना था जिनमें बेसिक टैलेंट हो और आगे बढऩे की क्षमता हो. इस तरह की प्रतियोगिता में भाग लेने का फायदा यह होता है उनका डर निकल जाता है. हमने यह देखा है जो लड़कियां आई है उनमें थोड़ा स्टेड का डर है इसलिए नर्वस हो जाती है. इसलिए वो अपने आप को अभिव्यक्त नहीं कर पाती. इस कारण थोड़ी समस्या होती है. हालांकि यह सिर्फ ग्लैमर नहीं है इसमें पॉजीटिविटी, डेडिकेशन, हम्बलनेस, इंटेलीजेंस जैसे कई और पहलू हैं, जो एक प्रतिभागी में होना जरूरी है. इन सभी को ध्यान में रखना होता है. उन्हीं को ध्यान में रखते हुए हमने युवतियों का सिलेक्शन किया है. अभी इंदौर की प्रतिभाओं को और निखारने की आवश्यकता है.


